निखिल कामथ और ElevenLabs CEO की योजना: भारत के लिए AI-नेटिव सोशल प्लेटफॉर्म लाने की तैयारी!

ज़ेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ ने हाल ही में डावोस में ElevenLabs के CEO माती स्टैनिस्ज़ेव्स्की के साथ एक दिलचस्प पॉडकास्ट एपिसोड में हिस्सा लिया। यह एपिसोड ‘WTF Online’ सीरीज़ का हिस्सा है, जो इस हफ्ते रिलीज़ हुआ। बातचीत में वॉइस को कंप्यूटिंग का अगला बड़ा इंटरफेस बताते हुए दोनों ने भारत के लिए एक नया AI-आधारित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने की अपनी साझा महत्वाकांक्षा पर चर्चा की।

वॉइस AI: भविष्य का बड़ा इंटरफेस

29 साल के माती स्टैनिस्ज़ेव्स्की ने 2022 में ElevenLabs की शुरुआत की थी। कंपनी अब फॉर्च्यून 500 की आधी कंपनियों को वॉइस सॉल्यूशंस दे रही है, जिसमें Deutsche Telekom, Revolut और Meta जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। 2025 के अंत तक कंपनी की ARR (एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू) 330 मिलियन डॉलर पहुंच गई, और फरवरी 2026 में Sequoia Capital के नेतृत्व में 500 मिलियन डॉलर की फंडिंग के साथ वैल्यूएशन 11 बिलियन डॉलर हो गया।

माती का कहना है, “100% वॉइस टेक्नोलॉजी के साथ इंटरैक्ट करने का बड़ा तरीका बनेगी।” वे कस्टमर सपोर्ट, एजुकेशन और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में इसके इस्तेमाल की बात करते हैं। युवा उद्यमियों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि फाउंडेशन मॉडल्स बनाने की बजाय किसी एक डोमेन (जैसे ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स) में गहराई से जाकर बेहतरीन वॉइस एजेंट्स बनाएं।

सोशल मीडिया की समस्या और नया प्लेटफॉर्म

बातचीत राजनीतिक मोड़ पर पहुंची जब निखिल कामथ ने कहा कि “भारत की युवा पीढ़ी का मूड किसी विदेशी एल्गोरिदम से नहीं तय होना चाहिए।” उन्होंने ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स के भारतीय पब्लिक डिस्कोर्स पर प्रभाव पर सवाल उठाए। कामथ पहले से ही मीडिया और टेक में अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं – 2025 में उन्होंने UK की Nothing कंपनी में 21 मिलियन डॉलर निवेश किया था।

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मार्च की शुरुआत में रिपोर्ट्स आई थीं कि कामथ बड़े सोशल मीडिया कंपनियों (जैसे Snap) से सीनियर टैलेंट, जिसमें पूर्व CTO शामिल हैं, को हायर कर रहे हैं। पॉडकास्ट में यह बात और स्पष्ट हुई: दोनों ने मौजूदा सोशल मीडिया को “फंडामेंटली ब्रोकन” बताया और कहा कि अभी तक कोई AI-नेटिव सोशल प्रोडक्ट नहीं बना। फिर कामथ ने कहा, “हमने कोशिश करने का फैसला किया।”

यह प्लेटफॉर्म भारत-केंद्रित होगा, जहां वेरिफाइड यूज़र्स विचारशील बहस और जिज्ञासा को बढ़ावा दें, नफरत फैलाने की बजाय। कामथ का मानना है कि आउट्रेज से लोगों को बांधने की जरूरत नहीं है। माती ने सहयोग की संभावना जताई, जहां ElevenLabs वॉइस फीचर्स प्रदान कर सकता है।

AI-नेटिव हार्डवेयर पर भी चर्चा

दोनों ने AI और कंज्यूमर हार्डवेयर के कन्वर्जेंस पर बात की। माती का अनुमान है कि वॉइस इंटरैक्शन बढ़ने पर हेडफोन्स फोन्स से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएंगे। कामथ ने Nothing कंपनी के साथ अपनी बढ़ती साझेदारी का जिक्र किया, जो AI-नेटिव डिवाइसेस की ओर बढ़ रही है।

क्या यह महत्वाकांक्षा वाकई बड़े प्लेयर्स को चुनौती दे पाएगी? यह सवाल अभी खुला है, लेकिन निखिल कामथ का फिनटेक से आगे मीडिया, टेक और AI में कैपिटल और प्रभाव बढ़ाना भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए रोमांचक संकेत है।

प्लेटफॉर्म की खासियत क्या होगी?

निखिल कामथ ने पॉडकास्ट में साफ कहा कि मौजूदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “फंडामेंटली ब्रोकन” हैं। वे आउट्रेज (गुस्सा फैलाने वाली कंटेंट) पर निर्भर रहते हैं, जिससे यूज़र्स को बांधे रखा जाता है। उनका नया प्लेटफॉर्म इससे अलग होगा। मुख्य फोकस होगा:

  • वेरिफाइड यूज़र्स पर – जहां सिर्फ असली और विचारशील लोग ही बहस कर सकें।
  • जिज्ञासा और गहन चर्चा को बढ़ावा – नफरत या विवाद फैलाने की बजाय।
  • AI-नेटिव डिज़ाइन – मतलब प्लेटफॉर्म की शुरुआत से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कोर बनाया जाएगा, जैसे कंटेंट डिस्कवरी, इंटरैक्शन और यूज़र एक्सपीरियंस में AI की बड़ी भूमिका।
  • भारत-केंद्रित – कोई विदेशी एल्गोरिदम भारत की युवा पीढ़ी के मूड को कंट्रोल न कर सके। कामथ का मानना है कि भारत को अपना डिजिटल इकोसिस्टम खुद बनाना चाहिए।
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यह कोई “सुपर ऐप” नहीं होगा (जैसे चीन में WeChat), बल्कि एक फोकस्ड स्पेस जहां क्यूरियोसिटी और डिबेट को रिवॉर्ड मिले।

ElevenLabs के साथ संभावित सहयोग

माती स्टैनिस्ज़ेव्स्की ने पॉडकास्ट के अंत में ElevenLabs की वॉइस टेक्नोलॉजी को कामथ के इस इकोसिस्टम में जोड़ने का सुझाव दिया। कल्पना कीजिए – वॉइस-बेस्ड इंटरैक्शन, रीयल-टाइम ट्रांसलेशन, ऑडियो पोस्ट्स, या AI वॉइस एजेंट्स जो यूज़र्स से बात करें। ElevenLabs पहले से ही Meesho, MasterClass और TVS Motor जैसी कंपनियों के लिए वॉइस सॉल्यूशंस दे रही है, और Lex Fridman के मोदी इंटरव्यू को हिंदी में डब भी कर चुकी है।

कामथ की बड़ी तैयारी

मार्च 2026 की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कामथ बड़े सोशल मीडिया कंपनियों (जैसे Snapchat) से सीनियर टैलेंट हायर कर रहे हैं – यहां तक कि पूर्व CTO भी शामिल हो सकते हैं। CXO लेवल के रोल्स के लिए भर्तियां चल रही हैं। यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती स्टेज में है, लेकिन कामथ की कैपिटल, नेटवर्क और प्रभाव को देखते हुए यह जल्दी आकार ले सकता है।

क्या चुनौतियां हैं?

  • बड़े प्लेयर्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, X) का दबदबा।
  • यूज़र्स को नए प्लेटफॉर्म पर लाना।
  • AI के एथिकल इस्तेमाल और डेटा प्राइवेसी सुनिश्चित करना।

फिर भी, भारत में AI और टेक का तेज़ विकास देखते हुए यह समय सही लगता है। अगर सफल हुआ, तो यह भारत का पहला बड़ा AI-ड्रिवन सोशल प्लेटफॉर्म बन सकता है, जो ग्लोबल ट्रेंड सेट करे।

पूरा पॉडकास्ट देखें: YouTube पर “The $11B Bet That Voice Will Replace Everything | Mati Staniszewski x Nikhil Kamath | WTF Online” सर्च करें। यह 59 मिनट का एपिसोड है, जिसमें वॉइस AI, टेक सोवरेन्टी और फ्यूचर की गहरी बातें हैं।

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क्या आपको लगता है कि भारत को अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चाहिए? कमेंट में बताएं!

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