पतंजलि (Patanjali)और केंद्र सरकार पर कोर्ट ने लगाया फटकार जाने पूरी बात

28 फरवरी 2024 : पतंजलि (Patanjali) जो की एक अयुर्वेदिक संस्था है जो ये दावा करती है कि हम बड़े से बड़े इलाज को जड़ से खत्म कर देगे, यही दावा उनको भरी पड़ गया और रामदेव को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार भी लगाया,वही इसके सीईओ बालकृष्ण को अवमानना कि नोटिस मिला है| रामदेव कि मुसीबत बहुत बड़ गई है इंडियन मेडिकल एसोसियन का कहना है कि यह बहुत बड़ा कदम है इस देश के लिए, जुलाई मे कैश किया था सुप्रीम कोर्ट मे पतंजलि के खिलाफ और जिसका परिणाम 21 नवंबर को इसका फैसला हुआ था| लेकिन फिर भी रामदेव जी ने विज्ञापन किया जारी रखा इसीलिए आज सुप्रीम कोर्ट का सख्त नोटिस आया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 27 फरवरी को भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए पतंजलि आयुर्वेद को कड़ी फटकार लगाई है, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र प्रदेश से भी सवाल पूछा और उनको भी फटकार लगाई, इससे रामदेव को बहुत बड़ा झटका लगा है कहा जाता है की सुप्रीम कोर्ट ने उनके पतंजलि आयुर्वेद को अपने उत्पादो का विज्ञापन या ब्रांडिंग करने से भी रोक दिया है, जो विज्ञापन आप लोगो ने देखा है जैसे की टीवी, न्यूज़ पेपर, सोश्ल मीडिया मे अब उसमे रोक लगा दी गई है,

सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्विक को मेडिकल की किसी भी प्रणाली के खिलाफ कोई भी बयान देने से आगाह किया है, रामदेव बाबा जो अपने प्रॉडक्ट का प्रचार करते थे आस्था चैनल पर और मेडिकल दावा के बारे मे बताते थे की इसको लेने से ये ठीक हो जाएगा उसमे भी रोक लगा दी गई है और सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले कि कारवाई दो सप्ताह के बाद होगी रामदेव जी को बहुत बड़ा झटका लगा, के चलते पतंजलि का शेयर भी गिर गया

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जस्टिस अहसानुछिन अमानुल्लाह ने कहा, ” आज,मै वास्तव में सख्त आदेश पारित करने जा रहा हूँ| आज इस आदेश का उल्लंघन करते हैं|आपमे इस न्यायालय के आदेश के बाद इस विज्ञापन को लाने का साहस था! और फिर आप इस विज्ञापन के साथ आए हैं|” और कहा प्रत्येक उत्पाद पर 1 करोड़ रूपये का लग सकता है जुर्माना, उन्होने कहा, ” स्थायी राहत, स्थायी राहत से आप क्या समझते है? क्या यह कोई इलाज है? हम बहुत ही सख्त आदेश पारित करने जा रहे है आप कोर्ट को लुभा रहे है|” फिर कहा, “पतंजलि आयुर्वेद के ऐसे सभी झूठे और भ्रामक विज्ञापनो को तुरंत बंद करना होगा| न्यायालय ऐसे किसी भी उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लेगा और न्यायालय रूपये कि सीमा तक जुर्माना लगाने पर भी विचार करेगा|

केंद्र सरकार को भी लगा फटकार : केंद्र सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट कि तरफ से फटकार लगाई गई और उनसे जवाब मांगा गया है, इनसे पूछा गया है कि पतंजलि के विज्ञापन के संबंध मे कि ड्रग, एंडमैजिक रेमेडी अपतिजनक विज्ञापन 1954 के तहत उसकी तरफ से क्या कारवाई करी गई है, तो यह सवाल कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा यानि मोदी सरकार से पूछा गया, सिर्फ रामदेव को ही फटकार नही लगी बल्कि केंद्र सरकार को भी फटकार लगी है|

दृष्टिकोण के बारे में बहुत मुखर हैं, लेकिन उन्हें और उनकी कंपनी को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उनके दावे वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए।’ यह मामला न केवल आयुर्वेदिक उत्पादों के विज्ञापनों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे भारत में चिकित्सा उत्पादों के विज्ञापनों को नियंत्रित किया जाता है।

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सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश साफ तौर पर इंगित करता है कि चिकित्सा उत्पादों के विज्ञापनों में सच्चाई और पारदर्शिता होनी चाहिए। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावों से बचाना और सुनिश्चित करना है कि वे सूचित निर्णय ले सकें। इस मामले में, पतंजलि आयुर्वेद को अदालत के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है, और यह भविष्य में उनके विज्ञापन प्रथाओं पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

इस निर्णय का व्यापक असर न केवल पतंजलि आयुर्वेद पर, बल्कि भारत में चिकित्सा और स्वास्थ्य उत्पादों के विज्ञापन करने वाली अन्य कंपनियों पर भी पड़ सकता है। यह उन्हें अपने विज्ञापनों में अधिक जवाबदेही और सत्यनिष्ठा बरतने के लिए प्रेरित कर सकता है, ताकि उपभोक्ताओं को भ्रामक जानकारी से बचाया जा सके।

इससे पहले हुई सुनवाई में तत्कालीन चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा था, ‘बाबा रामदेव अपनी चिकित्सा प्रणाली को लोकप्रिय बना सकते हैं, लेकिन उन्हें अन्य प्रणालियों की आलोचना क्यों करनी चाहिए। हम सभी उनका सम्मान करते हैं, उन्होंने योग को लोकप्रिय बनाया, लेकिन उन्हें अन्य प्रणालियों की आलोचना नहीं करनी चाहिए।’

आईएमए ने दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 में प्रिंट मीडिया में जारी किए गए विज्ञापनों को कोर्ट के सामने पेश किया। इसके अलावा 22 नवंबर 2023 को पतंजलि के CEO बालकृष्ण के साथ योग गुरु रामदेव की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में भी बताया। पतंजलि ने इन विज्ञापनों में मधुमेह और अस्थमा को ‘पूरी तरह से ठीक’ करने का दावा किया था।

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