मंगलुरु, 2 मई 2025: कर्नाटक के तटीय शहर मंगलुरु में गुरुवार, 1 मई 2025 को एक हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना ने क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव को और बढ़ा दिया है, जो पहले से ही धार्मिक संवेदनशीलता के लिए जाना जाता है। मंगलुरु शहर पुलिस के अनुसार, यह हमला किन्निपड़ावु क्रॉस के पास हुआ, जहां 5-6 हमलावरों ने सुहास शेट्टी पर घातक हथियारों से हमला किया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत ए.जे. अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
सुहास शेट्टी कौन थे?
30 वर्षीय सुहास शेट्टी एक हिंदू कार्यकर्ता थे, जो गौ रक्षा, लव जिहाद के खिलाफ जागरूकता, और धर्मांतरण रोकने जैसे मुद्दों पर सक्रिय थे। हालांकि, वह विवादों से भी घिरे रहे। 2022 में सुरथकल में फाजिल की हत्या के मामले में वह आरोपी थे और हाल ही में जमानत पर बाहर आए थे। उनकी गतिविधियों ने उन्हें कुछ समुदायों में नायक तो कुछ में खलनायक बना दिया था।
हमले की घटना और पुलिस की कार्रवाई
मंगलुरु शहर पुलिस ने बताया कि 1 मई को रात करीब 8:27 बजे सुहास शेट्टी अपने साथियों संजय, प्रज्वल, अन्वित, लतीश और शशांक के साथ एक वाहन (KA-12-MB-3731) में यात्रा कर रहे थे। तभी एक स्विफ्ट कार और एक पिकअप वाहन में सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने घातक हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे सुहास को गंभीर चोटें आईं।
पुलिस ने बाजपे थाने में मामला दर्ज कर लिया है और कई टीमों का गठन कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने यह भी बताया कि घटना का वीडियो फुटेज उनके पास उपलब्ध है, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मंगलुरु शहर पुलिस ने कहा, “हम त्वरित न्याय सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जांच की प्रगति के साथ आगे की जानकारी साझा की जाएगी।”
सांप्रदायिक तनाव और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। मेघ अपडेट्स ने अपने एक्स पोस्ट में दावा किया कि सुहास शेट्टी की हत्या “जिहादियों” द्वारा की गई। पोस्ट में यह भी कहा गया कि शेट्टी ने अपना जीवन गौ रक्षा, हिंदू लड़कियों को लव जिहाद से बचाने और धर्मांतरण के खिलाफ लड़ाई में समर्पित कर दिया था।
कई यूजर्स ने इस घटना पर गुस्सा जाहिर किया। @BulletOfTruth ने लिखा, “यह वही चक्र है। देश के लिए खड़े होने वाले बहादुर लोग मारे जाते हैं, सच दिखाने वाले चुप कर दिए जाते हैं, और हत्यारे बच निकलते हैं। हिंदुओं को एकजुट होने की जरूरत है।” वहीं, @SaiRamSays ने सुहास को “राउडीशीटर” कहकर उनकी गतिविधियों पर सवाल उठाए।
कर्नाटक में बढ़ता सांप्रदायिक तनाव
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2023 के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक में सांप्रदायिक हिंसा के मामलों में 2020 के बाद से 12% की वृद्धि हुई है। मंगलुरु और तटीय कर्नाटक लंबे समय से हिंदू-मुस्लिम तनाव का केंद्र रहे हैं। 2021 में कर्नाटक सरकार द्वारा पारित “राइट टू फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल” ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण को रोकने का दावा किया था, लेकिन इसने धार्मिक ध्रुवीकरण को और बढ़ावा दिया।
हाल ही में मंगलुरु में एक अन्य घटना में, केरल के एक व्यक्ति मोहम्मद अशरफ की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी, क्योंकि उसने कथित तौर पर एक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान “पाकिस्तान जिंदाबाद” का नारा लगाया था। ये घटनाएं इस क्षेत्र में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को दर्शाती हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और भविष्य की चिंताएं
कई लोगों ने इस घटना के लिए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस पर सांप्रदायिक तनाव को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लग रहा है।
@TheHindManifest ने लिखा, “कर्नाटक अब जिहादियों द्वारा शासित इस्लामिक राज्य बन गया है। कांग्रेस की तुष्टिकरण नीतियों पर शर्म आती है। “वहीं, कुछ लोगों ने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की।
@Mayank_Msd ने कहा, “हिंदुओं को अब एकजुट होने का समय आ गया है।” इस घटना ने एक बार फिर कर्नाटक में धार्मिक और राजनीतिक विभाजन को उजागर कर दिया है।
निष्कर्ष
सुहास शेट्टी की हत्या ने न केवल मंगलुरु बल्कि पूरे कर्नाटक में तनाव को बढ़ा दिया है। यह घटना भारत में बढ़ते सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और हिंसा का एक और उदाहरण है। सरकार और समाज के सामने अब यह चुनौती है कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं और समुदायों के बीच विश्वास को बहाल करें।
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