प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुजरात यात्रा: द्वारका में सुदर्शन सेतु का शुभारंभ

पीएम मोदी ने गुजरात में सुदर्शन सेतु का उद्घाटन किया, जो आध्यात्मिक और भौतिक प्रगति का प्रतीक है। यह लेख इस महत्वपूर्ण घटना की जानकारी प्रदान की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुदर्शन सेतु का उद्घाटन किया

गुजरात की पवित्र धरती पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया अध्याय जोड़ते हुए, सुदर्शन सेतु का उद्घाटन किया, जो न केवल इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है बल्कि आध्यात्मिक यात्रा को भी सरल बनाता है। इस अवसर पर, उन्होंने बेयट द्वारका मंदिर में पूजा-अर्चना की और देश के सबसे लंबे केबल-स्टे ब्रिज का अनावरण किया, जिसे सुदर्शन सेतु के नाम से जाना जाता है।

सुदर्शन सेतु, जिसकी लंबाई लगभग 2.32 किलोमीटर है, ओखा और बेयट द्वारका के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध स्थापित करता है, जिससे तीर्थयात्रियों की यात्रा सुगम होती है। पूर्व में, इस द्वीप तक पहुँचने के लिए नाव की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब यह पुल न केवल समय की बचत करेगा बल्ऍकि यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा। इसकी संरचना में भगवद गीता के श्लोक और भगवान कृष्ण की प्रतिमाओं के साथ एक खूबसूरत फुटपाथ शामिल है, जो इसे अधिक आध्यात्मिक बनाता है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने वाडिनार में एक महत्वपूर्ण पाइपलाइन परियोजना को समर्पित किया, जो कि ऊर्जा संरक्षण और बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक कदम है। इस परियोजना का उद्देश्य मौजूदा अपतटीय लाइनों को अपग्रेड करना और पाइपलाइन सिस्टम को अधिक कुशल बनाना है।

राष्ट्रीय विकास में रेलवे के महत्व को स्वीकारते हुए, प्रधानमंत्री ने राजकोट-ओखा, राजकोट-जेतलसर-सोमनाथ और जेतलसर-वांसजालिया रेल विद्युतीकरण परियोजनाओं को भी देश को समर्पित किया। इसके साथ ही, मुंद्रा-पानीपत पाइपलाइन परियोजना की आधारशिला रखी गई, जो 9000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होगी और यह 1194 किलोमीटर लंबी होगी। यह परियोजना ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

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सेतु का उद्घाटन न केवल गुजरात की आध्यात्मिक और भौतिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह देश के अन्य हिस्सों में भी विकास के नए आयामों को खोलता है। इस ऐतिहासिक क्षण में, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को एकजुटता और समृद्धि की ओर अग्रसर करने के लिए अपने संकल्प को दोहराया।

सुदर्शन सेतु क्या है?

सुदर्शन सेतु देश का सबसे लंबा केबल ब्रिज है, जो ओखा मुख्य भूमि और बेयट द्वारका को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इसके निर्माण में मोदी सरकार ने 980 करोड़ रुपये खर्च किए हैं,  सुदर्शन सेतु के दोनों ओर भगवद गीता के श्लोकों और भगवान कृष्ण की छवियों से सजा हुआ एक फुटपाथ भी है।

सुदर्शन सेतु का उद्देश्य क्या है?

सुदर्शन सेतु भारत के ओखा मुख्य भूमि और बेयट द्वारका को जोड़ने के लिए बनाया गया है| इस पुल के निर्माण से तीर्थयात्रियों के समय की भी बचत होगी, पर्यटन स्थल के रूप में इस स्थान का आकर्षण बढ़ेगा, और स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

सुदर्शन सेतु क्या करने के लिए बनाए गए हैं?

सुदर्शन सेतु द्वारका के बीच संचार को सुगम बनाने के लिए बनाया गया है। इसके निर्माण से तीर्थयात्रियों के समय की भी बचत होगी, पर्यटन स्थल के रूप में इस स्थान का आकर्षण बढ़ेगा, और स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

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